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सेवा या श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ !!

सेवा या श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ !!

*आखिरकार आस्था के साथ ऐसा विश्वासघात क्यों..!!*
*मेरी कलम से ( बी एल सरोज ) इस लेख के माध्यम से मैं किसी की श्रद्धा , आस्था और विश्वास को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता हूं और यदि जाने अंजाने ऐसा होता है तो यह एक महज संयोग है.. बाबा श्याम का वार्षिक फाल्गुन लक्खी मेला 2025 श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन की बेहतरीन व्यवस्थाओं और श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा जो नवाचार किए गए उनके बदौलत शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है । लेकिन इस बार एक सबसे बड़ा सवाल जरूर इन व्यवस्थाओं के मध्य खड़ा हो रहा है , जयपुर से लेकर खाटू श्याम जी तक लगभग 200 से 300 भंडारे लगते हैं जहां पर खाने पीने की एक से बढ़कर एक से  व्यवस्थाएं की जाती है लेकिन रींगस से खाटू के बीच लगे कुछ भंडारों ( सभी नहीं) में मैंने बहुत बारीकी से इस बार नोट किया और यह पाया कि इन भंडारों में जो खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों की पैकिंग सेवाएं दी जाती है फिर चाहे वह बिस्किट हो जूस , एनर्जी ड्रिंक हो या फिर पीने के पानी की बोतल , नमकीन के पाउच , या कोई भी पैकिंग खाद्य सामग्री हो इन सब की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायर डेट देखी गई तो या तो पूरी हो चुकी थी या फिर इसी मार्च माह में पूरी होने वाली थी अनेक लोगों की शिकायतें भी सामने आई किसी के उल्टी दस्त तो किसी को कोई परेशानी तो किसी को जी मिचलाने की परेशानी लेकिन मेले में लोग निशुल्क और भंडारों सेवा , श्रद्धा आस्था और प्रसाद के नाम पर  खाते गए  व आगे बढ़ते गए पता ही नहीं चला कि कहां किसके यहां खाने से क्या हुआ कुल मिलाकर भंडारों के संचालक लोगों की सेवा के नाम पर श्याम भक्तो के साथ खिलवाड़ करते दिखाई दिए और या दुसरे शब्दों में कहा जाए तो निर्माता कंपनियों ने अपने एक्सपायरी व खराब होते माल को इन भंडारे वालों को सस्ते में बेच दिया या अपना खराब होता स्टॉक  समाप्त कर लिया ! यहां प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े होते हैं क्या किसी भी खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने कहीं भी यह जानने की कोशिश नहीं की , कि उनके यहां उपलब्ध सामान की तारीख तो चेक करें उनकी क्वालिटी तो चेक करें यह तो बाबा श्याम का आशीर्वाद रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ नहीं तो कोई बड़ी घटना भी घट सकती थी खबर से खबर न्यूज़ चैनल परिवार प्रशासन से अपील करता है कि आने वाले  समय या मेले में विशेषकर इन भंडारों में काम में ली जाने वाली खाद्य सामग्री , यहां दिए जाने वाले पैक खाद्य पदार्थ पर  उनकी एक्सपायरी तारीख को चेक करें और उसके बाद ही इन्हें भंडारे लगाने की अनुमति प्रदान करें साथ ही मेला अवधि के दौरान भी इनके यहां काम ली जाने वाली सामग्री की जांच होनी चाहिए !!*

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